विस में गूंजा जगन्नाथ चौक-घंटाघर सड़क निर्माण का मामला, मंत्री विजयवर्गीय का जवाब देरी को लेकर दिया नोटिस, नवरात्रि के पहले काम पूरा कराने का दावा

कटनी – जगन्नाथ चौक-घंटाघर सड़क निर्माण में सुस्ती का मामला सोमवार को विधानसभा में मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने प्रमुखता से उठाया। सड़क चौड़ीकरण में क्षतिपूर्ति/मुआवजा राशि की गणना और मूल्यांकन को लेकर उन्होंने सवाल पूछे। इसके साथ-साथ तीन वर्षों के दौरान सड़क निर्माण को लेकर धरना, प्रदर्शन, चक्काजाम और आंदोलन को लेकर भी नगर निगम को कटघरे में खड़ा किया। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब में कहा कि सदस्य को नगर निगम के बारे में बहुत कुछ जानकारी है, इसके साथ आप मेयर भी रह चुके हैं। विलंब के लिए अधिकारियों को नोटिस दिया गया है, जो चाहते हैं, जितनी ओपन सड़कें है, वह नवरात्रि के पहले कम्पलीट हो जाएगी। इस तरह से विधानसभा में यह मामला पहुंचने के बाद फिर से इस मार्ग के निर्माण को लेकर चर्चा होने लगी है। 12 मीटर सड़क में 8 मीटर में डामरीकरण और दोनों तरफ 2-2 मीटर में नाली और पेवर ब्लाक का कार्य होना है।
देरी से चल रहा कार्य
शहर का यह सबसे प्रमुख मार्ग कहलाता है। लेकिन यहां पर देरी से कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों को कई तरह के संशय हैं। एक तरफ स्थान मिलने पर चौड़ीकरण के साथ-साथ डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है। वहीं अधिकांश हिस्सा आज भी ऊबड़-खाबड़ है। 19 सितम्बर, 2023 को इस संबंध में नगर निगम में एक बैठक भी हुई थी जिसमें उपस्थित अधिकारियों ने सड़क चौड़ीकरण का कार्य जल्द ही प्रारंभकरने के लिए आश्वस्त किया था।
क्षतिपूर्ति को लेकर संशय
क्षतिपूर्ति को लेकर अभी भी कई तरह का संशय है। बताया जाता है कि सड़क चौड़ीकरण में करीब 135 भू-स्वामी ऐसे रहे। जिनका निर्माण चौड़ीकरण की जद में आ रहा था। इसमें 92 प्रकरण को चिन्हित करते हुए सरकारी क्षतिपूर्ति को लेकर योजना बनाई गई। विभागीय अधिकारियों की मानें तो 52 लोग ऐसे रहे, जिन्होंने स्वेच्छा से ही सड़क चौड़ीकरण में आने वाली बाधाओं को हटाए। 20 लोगों का नगर निगम ने हटाया। 22 लोग न्यायालय चले गए जिसमें 16 प्रकरणों पर क्षतिपूर्ति निर्धारण, 3 में स्टे और 3 में वैल्युएशन कराने का निर्णय हुआ है।
653 मीटर में डामरीकरण शेष
इस सड़क की कुल लंबाई 900 मीटर है। तीन हिस्सों में चौड़ीकरण के साथ साथ डामरीकरण हो चुका है। तीन हिस्सों में डामरीकरण का क्षेत्र करीब 247 मीटर है। इस हिसाब से अभी भी 653 मीटर में डामरीकरण का कार्य होना शेष है। वर्तमान समय में कई जगहों पर सड़क चौड़ीकरण में आने वाले निर्माण को अलग-अलग माध्यमों से हटाया गया है, लेकिन उनमें भी क्षतिपूर्ति का पेंच फंसा हुआ है।
विधायक के प्रश्नों पर मंत्री का जवाब
■ 30 मार्च नवरात्रि पर्व के पूर्व किया जाएगा संपूर्ण उपलब्ध सड़क का डामरीकरण साथ ही आस पास की बस्तियों में पानी ना भरे इसके लिए भी निर्देश प्रदान कर दिए जाएंगे
■ विधायक ने पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया कि किस तरह से इस जगनाथ चौक से रफ्टा तक सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्य करण के लिए 11 करोड़ की राशि पूर्व में आई और यह राशि भी शहर के बाहरी हिस्से में व्यय कर दी गई।
■ना तो मुआवजा राशि का कोई निर्धारण हुआ है ना ही रजिस्ट्रार ऑफिस से उसका मूल्यांकन किया गया है। मंदिर, स्कूल, अस्पताल इत्यादि इस सड़क पर हैं। ध्यानाकर्षण पर शासन के पत्र एवं ईई पीडब्ल्यूडी के पत्र के बावजूद अधिकारियों द्वारा जानबूझकर हीला हवाली की जा रही है।
इनका कहना है
सड़क चौड़ीकरण का कार्य मेरे कार्यकाल में सबसे प्राथमिकता वाला रहा। समय-समय पर इसे लेकर ननि के अधिकारियों के साथ बैठकें भी की जाती रहीं। जिसका परिणाम है कि चौड़ीकरण के साथ-साथ डामरीकरण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। स्थानीय लोगों के द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है। क्षतिपूर्ति का आंकलन किया जा रहा है। इस संबंध में भी सार्थक पहल की जाएगी।
प्रीति संजीव सूरी, महापौर
घंटाघर-जगन्नाथ चौक सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है। पंजीयक कार्यालय द्वारा क्षतिपूर्ति का आंकलन किया जा रहा है। रही बात कुछ लोगों के न्यायालय में जाने की तो, न्यायालय के निर्देशों का भी
पालन किया जाएगा। नीलेश दुबे, निगमायुक्त